क्या होती है कैबिनेट समिति?

32 0

नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को छह नई कैबिनेट समितियो को पुनर्गठन किया है. इस बार उन्होंने दो नई समितियों को जोड़ा है. ऐसी कुल 8 समितियां बनाई गई है. कम समितियों का गठन कर पीएम मोदी ने 2014 के ‘मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस’ के फार्मूले को इस सरकार में भी दोहराया है. वहीं पीएम मोदी ने नेहरु युग की याद को भी ताजा कर दिया है. 1948 में सरकार द्वारा केवल रक्षा और आर्थिक समितियां ही बनाई गई थी. स्वतंत्रता के बाद से ही ऐसी समितियां कमजोर हुआ करती थी.
कैबिनेट समिति का गठन कौन करता है और वे क्या करते हैं
कैबिनेट समिति का गठन या तो सीधे प्रधानमंत्री कर सकते हैं या कैबिनेट कर सकती है. पीएम अधिकांश समितियों के प्रमुख होते हैं. प्रधानमंत्री यह भी निर्णय ले सकते हैं कि जिन मामलों की चर्चा विशिष्ट कैबिनेट समिति में हुई है उसकी चर्चा मुख्य कैबिनेट में भी की जा सकती है.
कैबिनेट समिति की मुख्य भूमिका सुरक्षा, राजनीति, अर्थव्यवस्था आदि से संबंधित महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श करना और अंतिम रूप देना है. जिसमें कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री शामिल होते हैं.
लेकिन स्थायी समितियों का टर्म गवर्नमेंट ट्रांसक्शन नियम 1961 में परिभाषित किया गया है. कैबिनेट समितियां अस्थायी हैं. मुख्य निर्णयों पर विचार-विमर्श करने के अलावा, ये समितियां सरकार को अपने नेताओं के साथ-साथ अपने सहयोगियों को भी अच्छी जिम्मेदारी देने में मदद करती हैं. यदि पीएम चाहते हैं, तो वे उन सांसदों को शामिल कर सकते हैं जो विशेष आमंत्रित सूची के तहत कैबिनेट में नहीं हैं.
क्या कैबिनेट समितियों के गठन की कोई सीमा है
नहीं, क्योंकि वे अस्थायी समितियां हैं, जिनमें कोई निश्चित सीमा नहीं होती है. सरकार विशेष रूप से प्रधानमंत्री जरूरत के आधार पर जितनी चाहें उतनी समितियां स्थापित कर सकती हैं. इस तरह की समितियां मूल रूप से मुख्य कैबिनेट से भार उठाने के लिए बनाई जाती हैं. जो हर मंत्रालय से संबंधित नीति पर चर्चा करती है और निर्णय लेती है, और निर्णय लेने में तेजी लाती है.
# 1948 में पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान, केवल दो कैबिनेट समितियां बनाई थीं- राजनीतिक और आर्थिक समिति. इसके बाद सूची में तीन और समितियां जोड़ी गई- जिनमें सुरक्षा, नियुक्तियां और आवास समिति थी.
# 70 के दशक के अंत में इंदिरा गांधी के काल में ऐसी समितियों की संख्या बढ़ गई थी.
# 1994 में जब पीवी नरसिम्हा राव पीएम थे, तब 13 कैबिनेट समितियां थीं.
# मनमोहन सिंह सरकार, जो कि 2004 से 2014 के बीच दस वर्षों तक सत्ता में थी. उनके समय में 12 कैबिनेट समितियां थीं.
हालांकि, 2014 में जब मोदी ने पीएम के रूप में पदभार संभाला. तो उन्होंने अधिकांश समितियों को ख़त्म कर दिया और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था,
कौन कैबिनेट समिति का प्रमुख होता है और कितने सदस्य इसका हिस्सा हो सकते हैं
प्रधानमंत्री संसदीय मामलों और आवास को छोड़कर सभी कैबिनेट समितियों की अध्यक्षता करते हैं. संसदीय मामलों और आवास समितियों को परंपरागत रूप से गृह मंत्री नेतृत्व करते हैं.

Related Post