छत्तीसगढ़ महोत्सव-मेले

छत्तीसगढ़ संस्कृति

प्रदेश के समृध्दशाली संस्कृति और साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग प्रदेश के शासकीय मंदिरों देवालयों तथा समाधियों आदि के रखरखाव एवं जिर्णोध्दार से संबंधित कार्य के साथ-साथ उनके साज-सज्जा एवं धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला आदि का निर्माण किया जाता है। इसके अलावा शासन द्वारा सहायक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है। राज्य सरकार ने प्रदेश के विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रदर्शन, विकास, प्रचार प्रसार, संकलन और कार्यशाला के लिए आयोजन से संबंधित सांस्कृतिक संस्थानों का गठन किया है। मेले में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के जाने-माने लोक नृत्य, लोक संगीत, शास्त्रीय तथा अन्य नृत्य विधाओं के द्वारा संगीत का मनोरंजक प्रस्तुतिकरण भी किया जाता है। इसके अलावा बहुत लोक उत्सवों और मेला मड़ई आयोजन प्रदेश की अन्य पुरातात्विक धरोहरों पर राज्य शासन के सहयोग से किया जाता है। छत्तीसगढ़ की अबाध सांस्कृतिक परंपराओं को पहचान दिलाने मान्यता देने एवं पुरातन संस्कृति को पुर्नजिवित करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा वृहद स्तर पर मड़ई मेला के माध्यम से निरंतर प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
क्र मेला/    उत्सवों का नाम स्थल ग्राम  जिला तिथि एवं दिनांक
1 सिरपुर महोत्सव सिरपुर, महासमुंद फरवरी
2 रतनपुर महोत्सव रतनपुर, बिलासपुर सितम्बर
3 बिलासा महोत्सव बिलासा, बिलासपुर फरवरी
4 ताला महोत्सव ताला, बिलासपुर फरवरी
5 गढ़बासला चैतराई मेला गढ़बासला, कांकेर मार्च
6 जाज्वलयदेव लोक महोत्सव जांजगीर, जांजगीर-चांपा फरवरी-मार्च
7 कबीर घाट मोहलाई मेला मोहलाई, दुर्ग फरवरी
8 कुदरगढ़ महोत्सव सरगुजा जुलाई
9 गौरैया मेला चौरेल, दुर्ग जनवरी
10 शिवरीनारायण महोत्सव जांजगीर-चांपा फरवरी
11 बैरिस्टर ठा. छेदीलाल स्मृति समारोह जांजगीर-चांपा –
12 कुरूद दशहरा उत्सव धमतरी सितम्बर-अक्टूबर
13 रविदास जयंती के अवसर पर
प्रदेश स्तरीय मेहर समाज के राजनांदगांव मांगनुसार जिला
प्रतिवर्ष सम्मेलन
14 खल्लारी महोत्सव खल्लारी, महासमुन्द मार्च-अप्रैल
15 करिया धुरवा मेला अर्जुनी (पिथौरा), महासमुन्द दिसम्बर
16 मल्हार महोत्सव मल्हार, बिलासपुर फरवरी-मार्च
17 लोक मड़ई राजनांदगांव मार्च-अप्रैल
18 डोंगरगढ़ महोत्सव डोंगरगढ़, राजनांदगांव मार्च-अप्रैल
19 चक्रधर समारोह रायगढ़ सितम्बर
20 गढिय़ा महोत्सव गढिय़ा, कांकेर सितम्बर-अक्टूबर
21 भोरमदेव महोत्सव भोरमदेव, कबीरधाम मार्च
22 नगपुरा महोत्सव नगपुरा, दुर्ग मार्च-अप्रैल
23 कबीर पंथी मेला दामाखेड़ा दामाखेड़ा, रायपुर जनवरी-फरवरी
24 रामगढ़ महोत्सव रामगढ, सरगुजा जून
25 फागुन मड़ई मेला कोण्डागांव, दंतेवाड़ा मार्च
26 शिवरात्रि मेला, देवड़ा मंदिर देवड़ा, बस्तर सितम्बर
27 शिवरात्रि मेला, केशकाल घाटी केशकाल, बस्तर सितम्बर
28 मावली मेला मावली, नारायणपुर फरवरी-मार्च
सरहरगढ़ कलार मेला- डड़सेना कलार समाज जिला बालोद के द्वारा माता बहादुर कलारिन की कर्म भूमि एवं जन्म स्थली ग्राम सोरर में प्रदेश स्तरीय सरहरगढ़ कलार मेला महोत्सव का आयोजन किया गया।
करिया धुरवा मेला महोत्सव – भगवान करिया धुरवा में लोगों की अटूट श्रद्धा है यहां भक्तों द्वारा मांगी गई मन्नते और कामनाए हमेशा पूरी होती है।
रामनामी मेला – अखिल भारतीय रामनामी महासभा के तीन दिनी 107 वां वार्षिक सम्मेलन बड़े भजन मेला जांजगीर चांपा के जैजैपूर ब्लाक के ग्राम तुषार में तथा भजन मेले का आयोजन रायगढ़ के सारंगढ़ ब्लाक के सबसे बड़े ग्राम पंचायत कोसीर में आयोजित किया जा रहा है। पूर्व यह मेला समाज के पदाधिकारियों के द्वारा एक स्थान पर आयोजित किया जाता था।
107 वर्ष पूर्व हुई थी मेले की शुरूआत- सबसे पहले भजन मेले की शुरूआत जांजगीर चांपा जिले के ग्राम पिरदा में हुआ था। जो उस समय उक्त गांव जिला बिलासपुर के मालखरौदा थाना के अंतर्गत आता था।
तातापानी महोत्सव – तातापानी महोत्सव संक्रांति परब 2017 का शुुभारंभ प्रदेश के गृह, जेल एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री रामसेवक पैकरा ने तीन दिवसीय महोत्सव का शुुभारंभ किया।
जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव व कृषि मेला – जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एग्रीटेक कृषि मेला का आयोजन आगामी 6 से 8 फरवरी तक जांजगीर के हाईस्कूल मैदान में किया जाएगा। लोक महोत्सव के सफल आयोजन के लिए विभिन्न प्रकोष्ठ का गठन कर संबंधित अधिकारितों को जिम्मेदारी दी है।
बारसूर महोत्सव – दंतेवाड़ा की पौराणिक तथा ऐतिहासिक नगरी बारसूर में इस मकर संक्राति से एक बार फिर तीन दिवसीय बारसूर महोत्सव आयोजन नक्सलगढ़ दंतेवाड़ा की पूरे प्रदेश और में सकारात्मक पहचान बनाने यहां के उत्सव और मेले मड़ई अहम भूमिका रहे
पंडवानी पुरोधा झाडुराम देवांगन- छत्तीसगढ़ी पडंवानी मंच व संस्कृति विभाग छग शासन के संयुक्त शासन तत्वाधान में 21 एवं 22 जनवरी को ग्राम पाहंदा कुम्हारी के सहयोग से सांस्कृति धरोहर पंडवानी कुम्हारी के सहयोग सांस्कृतिक धरोहर पंडवानी कला के गुरू झाडूराम देवांगन के स्मृति के पंडवानी मेला 30 वां जलसा का आयोजन किया गया है। वाचिक परम्परा चैपाल से निकलकर विश्व रंग मंच में छत्तीसगढ़ को पहचान दिया है। आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवंत बनाये रखने के उद्देश्य बनाकर वरिष्ठ एवं नवोदित कलाकारों को इस विधा से परिचित कराया जाएगा।

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