नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन शुरु

राष्ट्रीय राष्ट्रीय समसामयिक

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए बड़े ऐलान
नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार
नई दिल्ली/आज देश 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और कई बड़े ऐलान किए। कोरोना वैक्सीन कब आएगी से लेकर नेशनल हेल्थ मिशन जैसी योजना के शुरू होने तक, पीएम मोदी के भाषण में आज बहुत कुछ था। जल से लेकर थल तक कैसे डिजिटली देश सुरक्षित रहेगा, मोदी ने इसका भी एक खाका पेश किया। प्रधानमंत्री ने देसी कोरोना वैक्सीन पर चर्चा करते हुए कहा कि तीन-तीन कोरोना वैक्सीनों का ट्रायल चल रहा है। लाल किले की प्राचीर से सुबह साढ़े सात से नौ बजे तक करीब डेढ़ घंटे लंबे भाषण के दौरान जानिए प्रधानमंत्री मोदी ये दस ऐलान किए।
नई साइबर सुरक्षा नीति : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है। भारत इस संदर्भ में सचेत है, सतर्क है और इन खतरों का सामना करने के लिए फैसले ले रहा है और नई-नई व्यवस्थाएं भी लगातार विकसित कर रहा है। आने वाले समय में नई साइबर सिक्योरिटी नीति लाई जाएगी।
कोरोना वैक्सीन कब : प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को बताया कि आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन्स इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश में उन वैक्सीन्स की बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन की भी तैयारी है।
नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहला बड़ा एलान नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन को लेकर किया। उन्होंने कहा कि आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। हर भारतीय को एक हेल्थ कार्ड मिलेगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ कार्ड में समाहित होगी। भारत के हेल्थ सेक्टर में यह योजना नई क्रांति लेकर आएगी।
लक्षद्वीप की इंटरनेट कनेक्टिविटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को भी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जाएगा। उन्होने कहा कि हमारे देश में 1300 से ज्यादा आइलैंड्स हैं। इनमें से कुछ चुनिंदा आइलैंड्स को, उनकी भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, देश के विकास में उनके महत्व को ध्यान में रखते हुए, नई विकास योजनाएं शुरू करने पर काम चल रहा है।
एनसीसी का विस्तार: प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल कैडेड कोर (एनसीसी) के विस्तार का ऐलान किया। उन्होंने देश को बताया कि अब एनसीसी का विस्तार देश के 173 सीमाओं और तटीय जिलों तक सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए एनसीसी कैडेट्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें भी करीब एक तिहाई बेटियों को ये स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी।
ऑप्टिकल फाइबर का जाल: प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरनेट सुविधा पहुंचाने के लिए देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने का एलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले एक हजार दिन में इस लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिल फाइबर से जुड़ी थीं। बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है।
मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरे देश को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है। इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स को चिन्हित भी किया जा चुका है। ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्च र में एक नई क्रांति की तरह होगा।
प्रोजेक्ट लॉयन और डॉल्फिन : प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोजेक्ट लॉयन और डॉल्फिन का एलान किया। उन्होंने कहा कि अपनी बायोडायवर्सिटी के संरक्षण और संवर्धन के लिए भारत पूरी तरह संवेदनशील है। बीते कुछ समय में देश में शेरों की, टाइगर की आबादी तेज गति से बढ़ी है। अब देश में हमारे एशियाई शेरों के लिए एक प्रोजेक्ट लॉयन की भी शुरूआत होने जा रही है। वहीं डॉल्फिन के संरक्षण के लिए भी प्रोजेक्ट चलाने पर जोर दिए।
प्रदूषण के खिलाफ अभियान : प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहरों से प्रदूषण खत्म करने की योजना की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के 100 चुने हुये शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के साथ एक विशेष अभियान पर भी काम हो रहा है।
पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ोसियों के साथ रिश्तों की मजबूती और उसके विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथए चाहे वो हमसे जमीन से जुड़े हों या समंदर से, अपने संबंधों को हम सुरक्षा, विकास और विश्वास की साझेदारी के साथ जोड़ रहे हैं। आज पड़ोसी सिर्फ वो ही नहीं हैं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं, बल्कि वे भी हैं जिनसे हमारे दिल मिलते हैं। जहां रिश्तों में समरसता होती हैए मेल जोल रहता है।

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