बिजली विभाग के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए काम करें: बघेल

छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ समसामयिक

अपना और अपने परिवार की सुरक्षा का रखें ध्यान
रायपुर, / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के पावर कम्पनियों के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों से चर्चा कर उनसे किए जा रहे कार्याें और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। कोविड संक्रमण काल में विद्युत विभाग के मैदानी अमले के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा बिजली उत्पादन के साथ विद्युत सप्लाई का कार्य निर्बाध और सुचारू रूप से करने की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने इस पर प्रसन्नता प्रकट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन दौर में सभी अधिकारी-कर्मचारी कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें और अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखकर कार्य करें। मास्क, सेनेटाईजर का लगातार उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के इस दौर में विद्युत विभाग के मैदानी अमले द्वारा निर्बाध रूप से बिजली उत्पादन, लगातार बिजली सप्लाई और मेंटेनंेस का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए वे बधाई के पात्र है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि लॉकडाउन के कारण लोग घरों में हैं और गर्मी का मौसम है, इसलिए सभी उपभोक्ताओं को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए साथ ही विशेष रूप से किसानों के सिंचाई पम्पों के ऊर्जीकरण के लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही कर उन्हें बिजली कनेक्शन दिए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के 32 हजार सिंचाई पम्पों के कनेक्शन दिए जाने हैं, कई जिलों में इस दिशा में अच्छा काम हुआ है। लगभग सभी जगहों पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लॉकडाउन के बाद स्थिति सामान्य होने पर तेजी से सिंचाई पम्पों को बिजली के कनेक्शन दिए जाएं। बैठक के दौरान विभिन्न जिलों से जुड़े बिजली विभाग के सहायक अभियंताओं और सहायक लाईनमेन ने बताया कि बिजली सप्लाई में समस्या आने पर त्वरित रूप से उनका निराकरण किया जा रहा है। मीटर रीडिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
बैठक में उपस्थित बिजली कम्पनियों के अध्यक्ष श्री अंकित आनंद ने बताया कि कर्मचारी कल्याण के अंतर्गत कोविड संक्रमित विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को इलाज के लिए मानक दर से अस्पताल में इलाज के लिए कुल आकलित खर्च की 90 प्रतिशत राशि मेडिकल एडवांस के रूप में दी जा रही है। संविदा कर्मियों को भी 50 हजार रूपए तक का मेडिकल एडवांस दिया जा रहा है।
वर्चुअल बैठक में दुर्ग, रायपुर, कोण्डागांव, जांजगीर-चांपा, बस्तर, महासमुन्द, गरियाबंद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, रायगढ़, कांकेर, बालोद और कोरबा जिले के विद्युत विभाग के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों-कर्मचारियों ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर विभागीय अमले द्वारा त्वरित रूप से सुधार कार्य किए जा रहे हैं। कार्य के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों ने यह भी बताया कि वर्तमान में एमरजेंसी होने पर मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कोरबा में जनरेशन कम्पनी के अधिकारियों से वहां प्लांट के संचालन के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बिजली उत्पादन का कार्य सुचारू रूप से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन का कार्य महत्वपूर्ण है यदि किसी को सर्दी, बुखार हो तो उन्हें अलग रखे, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। ऐसे व्यक्ति का इलाज कराएं। प्लांट में बाहरी व्यक्ति प्रवेश न करें यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कोयला आपूर्ति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त कोयला उपलब्ध है।

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