मंत्री परिषद के निर्णय

छत्तीसगढ़ समसामयिक

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए-

1. राज्य शासन द्वारा सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा सार्वजनिक क्षेत्र के व्यवसायिक बैंकों से लिए गए अल्पकालिक कृषि ऋण को माफ किया गया हैं। नानपरफामिंग खातों को वन टाइम सेटलमेंट के माध्यम से ऋण माफी का लाभ दिलाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 50 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार द्वारा देय होगी। इससे करीब 1175 करोड़ रूपए की ऋण राशि में से आधी राशि शासन द्वारा वहन की जाएगी। इससे भविष्य में इन खाताधारियों को भी कृषि ऋण की सुविधा मिल सकेगी।

2. खाद्यान्न सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से प्रदेश के सभी 65 लाख परिवारों को राशन कार्ड से लाभान्वित किया जाएगा। वर्तमान में 58 लाख परिवारों के राशन कार्ड है। अब आयकर दाताओं के भी राशन कार्ड बनेगे। सामान्य श्रेणी के कार्डों को दो समूहों में विभक्त करते हुए सामान्य श्रेणी (आयकरदाता) एवं सामान्य श्रेणी (गैर आयकरदाता) का राशन कार्ड पात्रता अनुसार जारी किया जाएगा। सामान्य श्रेणी (आयकरदाता) एवं सामान्य श्रेणी (गैर आयकरदाता) के लिए चावल की दर 10 रूपए प्रतिकिलो निर्धारित किया गया हैं। नये राशन कार्ड बनने तक वर्तमान राशन कार्डधारियों को पुराने राशन कार्ड से सामग्री मिलते रहेगी। परिवार में मात्र एक सदस्य होने पर 10 किलो चावल मिलेगा, दो सदस्य होने पर 20 किलो तथा तीन से पांच सदस्य होने पर 35 किलो मिलेगा। 5 से अधिक सदस्य होने पर प्रति सदस्य की दर से 7-7 किलो चावल अतिरिक्त दिया जाएगा।

3. अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अंतर्गत निधि नियम में वर्तमान चार प्रकार के कार्यों के साथ-साथ अब स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जैसे कार्यों तथा अन्य प्राथमिकता के 11 प्रकार के कार्यों को स्वीकृत किए जाएंगे। इसी तरह उपयुक्त विस्तारित 11 कार्य अब बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत भी किए जाएंगे।

4. अटल नगर, अटल नगर विकास प्राधिकरण और अटल स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के नाम के आगे अब ‘नवा रायपुर‘ जोड़ा जाएगा।

5. अशासकीय स्कूलों के प्रवेश शुल्क संबंधी शिकायतों एवं विसंगतियों को दूर करने के लिए समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।

6. शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत अभी तक केवल कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए निःशुल्क शिक्षा एवं पाठ्य पुस्तक की व्यवस्था की जाती है। अब यह सुविधा कक्षा नवमी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को भी उपलब्ध करायी जाएगी।