विकास परख अक्टूबर अंक प्रकाशित

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पीएससी में साक्षात्कार का महत्व
हाल में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2०19 के अंतिम परिणाम घोषित हुए। इसमें नीरनिधि प्रावीण्य सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किए। इनका मुख्य परीक्षा के सातों प्रश्नों में कुल 898 अंक मिले और साक्षात्कार में 9० अंकों को मिलाकर 988 अंकों के साथ सूची में प्रथम स्थान पर रहे। लिखित परीक्षा में इनका अंक अप्रत्याशित अधिक है। इसलिए साक्षात्कार में केवल 9०अंक प्राप्त कर भी सूची दूसरे स्थान पर रहने वाले से 27 अंक ज्यादा है। आए परिणाम का विश्लेषण करने से दो-तीन बिंदुओं पर चर्चा करना आवश्यक है। पहला तो यह कि विज्ञान और गणित विषय लेकर स्नातक तक पढऩे वाले उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा के विज्ञान विषय में दूसरे उम्मीदवारों के मुकाबले बहुत ज्यादा अंक प्राप्त किए। जैसे टॉपर में 2०० में से 161 अंक प्राप्त किए। अगर आरंभ के 1०० उम्मीदवारों की सूची देखे तो ज्यादातर के अंक 125 से ऊपर ही हैं। दूसरी महत्वपूर्ण बात प्रश्न पत्र 7 में औसत प्राप्तांक 1०० से कम है, इसका मतलब है कि इस प्रश्न पत्र को लेकर उम्मीदवारों को दिक्कत हो रही है। इसके दो कारण हो सकेत हैं एक इस पाठ्यक्रम का कोई ओर-छोर नहीं है इसलिए इसकी तैयारी करना परीक्षार्थी के लिए मुश्किल है। दूसरी बात इस विषय की व्यवस्थित और सम्पूर्ण विषय सामग्री छात्रों को नहीं मिल पा रही है। परिणाम देखने से तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आती है कि लिखित परीक्षा में पाए हुए अंक महत्व तो रखते ही है लेकिन साक्षात्कार के अंक भी बहुत महत्वपूर्ण है। परिणाम देखने से शुरु के 1०० सफल उम्मीदवारों के अंक 7०० से भी कम है। लेकिन साक्षात्कार में 9० से कर 11० अंक प्राप्त कर किसी न किसी पद के लिए चयनित हो गए, जबकि 8०० से अधिक अंक लेकर बड़ी संख्या में छात्र चयनित नहीं हो सके क्योंकि साक्षात्कार में उनके 55 से लेकर 7० तक रह गए। ऐसे दर्जनों उम्मीदवार है, जिन्हें साक्षात्कार में कम नंबर मिले जबकि लिखित में उनके नंबर चयनित उम्मीदवारों से कम नहीं है। इसका मतलब है कि लिखित परीक्षा में वे पूरी योग्यता रखते हुए भी असफल हो गए। इस बिंदु का विश्लेषण करने पर यह समझ में आता है कि छात्र अपनी तैयारी की शुरुआत पाठ्यक्रम का अध्ययन करना उन्हें याद करना और नोट्स बनाने में पूरी मेहनत करते हैं। लेकिन अपने व्यक्तित्व पर अधिक ध्यान नहीं देते और यही उनको साक्षात्कार में पीछे कर देता है। दूसरी बात यह भी है कि जो उम्मीदवार ग्रामीण परिवेश से आते हैं संभवत: वे साक्षात्कार में अधिक अंक प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि इस बिंदु के कोई प्रमाण नहीं है। लोक सेवा आयोग की परीक्षा को लक्ष्य बनाने उम्मीदवार प्राप्त से प्रारंभ से ही इस बात का ध्यान रखें कि आगे चलकर उन्हें साक्षात्कार देना है। इसलिए पुस्तकों से ज्ञान लेने के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व को भी निखारने का कार्य करते रहना चाहिए।

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