प्रभु राम के भक्तों के प्रति अनास्था

राष्ट्रीय समसामयिक

मंगोल(भारत में मुग़ल कहा जाता है) अक्रांता बाबर के काल में अयोध्या में उसके एक सेनानायक मीर बाक़ी ने मंदिर का विध्वंस कर मस्जिद का निर्माण किया था, आठ वर्ष के बाद इस घटना को 6 सौ वर्ष पूरे हो जाएंगे। किन्तु इससे पूर्व ही प्रभु राम का मंदिर उसी मस्जिद के स्थान पर तैयार हो जाएगा, भले ही इस अवस्था को प्राप्त करने के लिए कितने ही रामभक्तों ने बलिदान दिया है और हर तरह के झंझावतों से होते आखिरकार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से अंततः मंदिर निर्माण के भूमिपूजन की तिथि 5 अगस्त तय हो गई है। लेकिन अभी भी विघ्नसंतोषियों के द्वारा अड़चन पैदा करने के प्रयास जारी हैं, पहले तो प्रभु राम के प्रति ही अनास्था दिखाकर मंदिर के निर्माण में रूकावटें पैदा की गईं, अब तो प्रभु राम के भक्तों के प्रति भी अनादर किया जा रहा है।

हालिया विवाद मंदिर के भूमिपूजन के मुहूर्त को लेकर है जो शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के द्वारा उठाया गया है। उन्होंने भाद्र पक्ष में मंदिर निर्माण के भूमिपूजन को अमंगलकारी बताया, इस पर देश भर के साधु-संतों ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य की आशंका निराधार है। मतलब सनातन धर्म के किसी पीठ के सर्वाधिकारी संत को इस विषय में जानकारी नहीं है या वे जानबूझकर मंदिर निर्माण में विघ्न डालना चाहते हैं क्योंकि राममंदिर आंदोलन के प्रारंभ से ही उनका रवैया अबूझ रहा। इसी तरह छत्तीसगढ़ के एक मुसलमान युवक मोहम्मद फैज़ खान कौशल्या माता की भूमि का अंश लेकर अयोध्या के भूमिपूजन में शामिल होने पैदल निकल पड़े हैं। उनके संबंध में शंकराचार्य स्वरूपानंद के एक शिष्य स्वामी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, ‘संघ के प्रमुख नेता इंद्रेश कुमार से प्रेरणा लेकर मुसलमान मोहम्मद फैज खान नाम का व्यक्ति मिट्टी लेकर अयोध्या आ रहा है। हम यह बिलकुल स्वीकार नहीं कर सकते। हां, अगर उसकी राम और हिंदू धर्म में आस्था है, तो पहले वह हिंदू धर्म अपनाए और प्रायश्चित करे कि गलत जगह चले गए थे फिर मौका दिया जा सकता है। संघ ने अगर मुसलमान से मिट्टी रखवाई तो हम लोग आंदोलन करेंगे।’

अब स्वामी जी के बयान पर गौर करें तो समझ में नहीं आ रहा कि उनकी आपत्ति मोहम्मद फैज के मुसलमान होने से है या संघ के नेता की प्रेरणा लेकर फैज काम कर रहे हैं, इस बात को लेकर है। सनातन धर्म क्या इतना कट्टर है कि एक मुसलमान के हाथ के मिट्टी को मंदिर निर्माण में सहन नहीं कर सकता। यह संदेह इसलिए है क्योंकि देश में एक समूह राम मंदिर निर्माण के खिलाफ हर तरह के हथकंडे अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि प्रभु राम को लेकर मुसलमान समाज का बड़ा वर्ग जिसमें अनेक संगठन भी शामिल हैं, आस्थावान हैं। जब न्यायालय का अंतिम निर्णय आया तो अनेक संगठनों ने मंदिर निर्माण के लिए दान दिए। केवल उदारण के लिए भारतीय सर्व समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनवार अहमद ने भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए मुसलमानों सेसमर्थन देने की अपील की है। स्वर्गीय हाशिम अंसारी कौन भूल सकता है जिन्होंने प्रभु राम के टेंट में रहने पर दुख जताते हुए याचिका वापस लेना चाहते थे। उनके बेटे इक़बाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए वे सरकार के किसी भी प्रकार के फैसले का समर्थन करेंगे। एक और मुसलमान मौहम्मद अफजाल ने तो यह कहा कि हम हिंदुस्तान के रहने वाले हैं, अल्पसंख्यक नहीं हैं। हमारी प्रवृति तोड़ने की नहीं है। भगवानराम का जन्म हिंदुस्तान में हुआ और हमारा भी। इसलिए भगवान राम और हमारा डीएनए एक ही है। इसलिए इमाम-ए-हिंदभगवान राम का मंदिर अयोध्या में जरूर बनना चाहिए।ऐसे मुसलमानों की आस्था भगवान राम में है, चाहे अब्दुर्रहीम खानखाना हो जिन्होंने लिखा,
रामचरित मानस विमल, संतन जीवन प्राण,
हिन्दुअन को वेदसम जमनहिं प्रगट कुरान’

(रामचरित मानस हिन्दुओं के लिए ही नहीं मुसलमानों के लिए भी आदर्श है।’)

कवि संत रहीम ने अनेक राम कविताएँ भी लिखी हैं और तो और मोहम्मद अल्लामा इकबाल में लिखा है,
है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज़,
अहले-नज़र समझते हैं उसको इमामे-हिन्द ।।

मोहम्मद फैज तो एक बहाना है, दरअसल पर्दे के पीछे अभी भी कुछ लोग समाज को बांटने के प्रयास जारी रखे हुए हैं। देश के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचने वालों को यह डर सता रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बन गया और मुसलमानों के सहयोग से बन गया तो फिर उनके समाज तोडने का बड़ा हथियार चला जाएगा। हमें यह समझना होगा और सावधान भी रहना होगा। फ़ैज़ खान जैसे राम भक्तों का समर्थन करना होगा, उनका सम्मान भी करना होगा। यही तो ताकत है भारत की, सबके साथ, सबका विकास और सबका विश्वास, तभी तो कहते हैं,
यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रोमा सब मिट गए जहां से।
अब तक मगर है बाक़ी नामों-निशां हमारा।।
कुछ बात है कि हस्‍ती मिटती नहीं हमारी,
सदियों रहा है दुश्‍मन दौरे-ज़मां हमारा।।

शशांक शर्मा, रायपुर
9425520531

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