महुआ के पेड़ : अमृत या ज़हर

प्रकृति ने मानव के पोषण के लिए प्रचुर मात्रा में विविध संसाधन दिए हैं। वेदिक काल में जिस सोम रस उल्लेख मिलता है , आठवीं सदी में एक धर्म विशेष के प्रभाव से उसका सेवन हराम हो गया था , सोम रस का पौधा , हिंदू कुश से पामीर के इलाक़े में ही होता था […]

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