पर्यावरण संरक्षित रखने में समाज की सहभागिता

43 0

दुनिया में तेजी से हो रहे विकास के साथ ही पर्यावरण को संतुलित रख पाने की हमारी कोशिश पूरी तरह मुकम्मल नहीं हो पा रही। दुनिया के कुछ इलाकों में अब ऐसी स्थिति है कि पर्यावरण वेंटीलेटर में है। ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन ने नरूवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी के रूप में पर्यावरण और विकास दोनों को साधने वाला नारा गढ़ा है और जमीनी स्तर पर इस पर काम भी शुरू हो गया है।
रसायनिक खाद हमारी जमीन की ऊर्वरता को नष्ट कर रहे हैं। कुछ समय बाद हमारी जमीन बंध्या हो जाएगी। गरूवा के संरक्षण से और घुरूवा निर्माण से जमीन संरक्षित होगी, पशुधन का विकास होगा। घुरूवा के संवर्धन से जो गोबर खाद बनाया जाएगा, इससे ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी। इससे शहरीकरण भी रूकेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा तो गांव भी गुलजार होंगे और हम परंपरागत सुखद जीवन की ओर आधुनिक जीवनशैली के साथ संतुलन बनाते हुए कार्य कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार का दूसरा सार्थक प्रयास नदियों के पुनरूद्धार अभियान को लेकर चल रहा है। हमारी प्राणदायिनी नदियां धीरे-धीरे प्रदूषण का शिकार होकर मृतप्राय हो रही हैं। तेजी से पनपते शहरीकरण से इनके किनारों की हरियाली भी घटी है। राज्य स्तरीय रिवर रिज्यूवनेशन कमेटी का गठन कर इन नदियों के संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है। इनमें मिलने वाली नालों के पानी का सीवरेज ट्रीटमेंट एवं स्थानीय स्तर पर हरियाली को बढ़ावा देकर इन नदियों को पुनरूद्धार किया जा सकेगा।
देश सहित छत्तीसगढ़ के वायु मण्डल में सबसे बड़ा खतरा बढ़ता कार्बन का प्रतिशत है। प्रो. शम्स परवेज के अनुसार ‘इसका प्रमुख कारण लाखों टन लो ग्रेडेड कोयलों का प्रतिदिन दहन होना और खुले में कचरा जलाया जाना है। जिससे स्वाभाविक रूप से वायुमंडल में कार्बन का स्तर बढ़ रहा है।‘ अच्छी बात यह है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाये गए हैं। कार्बन सहित अन्य प्रदूषित तत्वों पर रोक लगाने एवं चिमनी उत्सर्जन की निगरानी रखने 17 प्रकार के वायु प्रदूषकों को नियंत्रित रखने में 163 उद्योगों में आनलाईन इमीशन मानिटरिंग सिस्टम की स्थापना की गई है। सभी रोलिंग मिलों में भी आनलाइन इमीशन सिस्टम लगाया गया है। डाटा मानिटरिंग एवं डिस्प्ले हेतु चिप्स के माध्यम से डैशबोर्ड विकसित करने की कार्रवाई की जा रही है। वायु प्रदूषण में कमी लाने हेतु 102 आनलाइन कंटीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मानिटरिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। रायपुर में सतत् परिवेशीय वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 2 अतिरिक्त स्टेशनों की स्थापना की जा रही है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा प्रदेश में स्थापित उद्योगों के रियल टाइम आनलाईन एमिशन मानिटरिंग डाटा प्राप्त कर उद्योगों के प्रदूषण पर निगरानी की जा रही है। उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। तत्काल कार्यवाही के लिए सेंट्रल सर्वर की स्थापना की जा रही है।
* सचिन शर्मा

Related Post

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में पचास नए डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में पचास नए डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की

Posted by - August 29, 2019 0
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में पचास नये कॉलेज खोलने की घोषणा की। कल श्रीनगर में एक संवाददाता…

इथेनॉल खरीद नयी दर घोषित 

Posted by - September 3, 2019 0
केंद्रीय मंत्रिमंडल कीआर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 1 दिसंबर, 2019 से 30 नवंबर, 2020 तक इथेनॉल आपूर्ति वर्ष के दौरान…